बॉलीवुड हस्तियों ने जेएनयू हमले की निंदा की

मुंबई: दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में नकाबपोश हमलावरों द्वारा छात्रों और शिक्षकों पर रविवार को किए गए हमले की बॉलीवुड हस्तियों ने निंदा की है, जिनमें रीमा कागती, राजकुमार राव, मनोज बाजपेयी और निम्रत कौर जैसे सितारे शामिल हैं।

नकाबपोश बदमाशों ने रविवार को छात्रों और शिक्षकों पर लाठी-डंडों और लोहे की छड़ों से हमला किया। हमले में घायल करीब 20 विद्यार्थी एम्स में भर्ती हैं। इनमें छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष भी शामिल हैं, जिन पर कथित तौर पर आंखों के ऊपर लोहे की छड़ से हमला किया गया है। कई सेलिब्रिटीज ने इस घटना पर ट्वीट किए हैं।

रीमा कागती लिखती हैं कि मैं विद्यार्थियों और भारत के लोगों के साथ हूं। भारत सरकार को अपनी क्रूरता और बर्बरता पर शर्म आनी चाहिए। हैशटैगजेएनयू हैशटैगजामिया हैशटैगनोटूएनआरसी हैशटैगनोटूसीएए। महेश भट्ट ने कहा कि अब यहां! राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर भारत में फांसीवाद का आगमन हो चुका है। वक्त आ गया है कि हम अपने विषैले मौन को तोड़ें और एक स्वर में इसके खिलाफ आवाज उठाएं।

अभिनेता राजकुमार राव ने लिखा कि हैशटैगजेएनयू में जो भी हुआ, वह शर्मनाक, भयावह और दिल तोड़ने वाला है। इन हमलों के पीछे जो भी है, उसे सजा जरूर मिलनी चाहिए। हैशटैगजेएनयूहिंसा। वहीं दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष और एक्टर मनोज बायपेयी ने कहा कि जेएनयू की आ रही तस्वीरें क्रूर..डरावनी..भयावह और विचलित करने वाली हैं। इसकी निंदा के लिए शब्द कम पड़ जाएंगे। किसी भी लोकतंत्र को इतनी छूट नहीं देनी चाहिए कि वे कॉलजों और विश्वविद्यालयों को असुरक्षित कर सकें, कि गुंडे कभी भी वहां घुस कर किसी को चोट पहुंचा सकें।

एक अखबार की क्लिप साझा करते हुए ट्विंकल खन्ना ने ट्वीट किया और लिखा कि भारत, एक ऐसा देश जहां छात्रों से अधिक गायों को सुरक्षा मिलती है। वह एक ऐसा देश भी है, जिसने डर में जीने से मना कर दिया है। आप हिंसा से लोगों को नहीं दबा सकते हैं, इससे और अधिक प्रदर्शन होंगे, अधिक हड़तालें होंगी, ज्यादा से ज्यादा लोग सड़कों पर आएंगे। यह शीर्षक सब कुछ कह रहा है।

इसी अखबार की क्लिप को साझा करते हुए तापसी पन्नू ने लिखा भी लिखा कि यह उनके लिए है, जो इसे अनदेखा करते हैं, इसे स्वीकार करें। चलिए तब तक इंतजार करते हैं, जब तक हमारा घर नहीं जलता है। वहीं कृति सैनन ने कहा कि जेएनयू में जो हुआ, उसे देख मेरा दिल टूट गया! भारत में जो भी हो रहा है, उसे देखना भयावह है!! नकाबपोश कायरों द्वारा विद्यार्थियों और शिक्षकों को पीटा जा रहा है और आतंकित किया जा रहा है। दोषारोपण का खेल लगातार जारी है! राजनीतिक एजेंडे के लिए कोई इतना नीचे कैसे जा सकता है! हिंसा से कभी समाधान नहीं हुआ है! हम इतने अमानवीय कैसे हो सकते हैं?