यूपी में वकीलों ने मुख्यमंत्री के सामने रखी अपनी ये मांगे

लखनऊः यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के लॉकडाउन के दौरान किए गए तमाम इंतजामों की सराहना करते हुए अधिवक्ता कल्याणकारी मंच अब अपने अधिवक्ता साथियों के कल्याण की बात कर रहा है। 

अधिवक्ता कल्याणकारी मंच ने पूर्णबंदी के दौरान अधिवक्ताओं के लिए मानदेय की मांग की है। उनका कहना है कि जिस प्रकार अन्य सरकारी कर्मचारियों को, प्राइवेट कंपनी के लोगों को और  श्रमिकों को मानदेय मिल रहा है, उसी प्रकार अधिवक्ताओं को भी मानदेय दिए जाने की व्यवस्था मुख्यमंत्री करें। 

लखनऊ स्थित अधिवक्ता कल्याणकारी मंच के प्रधान कार्यालय पर मंच के अध्यक्ष और उच्च न्यायालय के अधिवक्ता विद्याकांत शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हर संभव प्रयास कर अपने प्रदेशवासियों की सेवा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री हर बिंदु पर सफलतापूर्वक कार्य करते हुए दिख रहे हैं। प्रदेश का हर व्यक्ति वर्तमान में खुश है किंतु अधिवक्ताओं के सामने परिवार चलाने का घोर संकट है। कोर्ट कचहरी बंद है। इस दौरान कोई धनलाभ नहीं हो रहा है। जहां उच्च न्यायालय में भी अधिवक्ता नहीं जा पा रहे हैं, वही उच्च न्यायालय में दैनिक कार्य पर वेतन पाने वाले सरकारी अधिवक्ता भी आजकल परेशान है। 

उन्होंने कहा कि लोगों के सामने अपने मुख्यमंत्री के अलावा यह विषय कहीं और रखने की स्थिति नहीं बन पा रही है। अतः मुख्यमंत्री जी इस मामले में कोई उचित निर्णय करें, यह मामला कुछ समय पूर्व में कानून मंत्री तक पहुंचाया गया था।

जिसमें यह बताया गया था कि सरकारी अधिवक्ताओं को उनके वर्किंग डे के अनुसार मानदेय मिल जाए तो उनका गुजारा चलेगा। यह उसी प्रकार होगा जैसे अन्य सरकारी विभागों में घर बैठे कर्मचारियों के साथ हो रहा है। इसी प्रकार गैर सरकारी अधिवक्ताओं को एक मेहनती तबका मानते हुए उनके परिवार के भी भरण-पोषण के लिए मानदेय की व्यवस्था करायी जानी चाहिए।