हमारा सीजन शानदार रहा : श्रेयस अय्यर

विशाखापट्टनम: अपनी कप्तानी में दिल्ली फ्रेंचाइजी को छह सीजन बाद प्लेऑफ में ले जाने वाले कप्तान श्रेयस अय्यर ने क्वालीफायर-2 में चेन्नई सुपर किंग्स से मिली हार के बाद कहा है कि टीम का यह सीजन बेहद शानदार रहा। उन्होंने कहा कि यह हार बेशक निराशाजनक है, लेकिन टीम ने इस सीजन से काफी कुछ सीखा। चेन्नई ने क्वालीफायर-2 में दिल्ली कैपिटल्स को छह विकेट से हरा कर आठवीं बार फाइनल में जगह बनाई है, जहां रविवार को उसका सामना मुंबई इंडियंस से होगा। चेन्नई इस मैच में हमेशा दिल्ली पर हावी रही। चेन्नई के गेंदबाजों ने दिल्ली को 20 ओवरों में नौ विकेट के नुकसान पर 147 रनों से आगे नहीं जाने दिया और फिर इस लक्ष्य को 19 ओवरों में चार विकेट खोकर हासिल कर लिया।

मैच के बाद अय्यर ने कहा, "हमारी शुरुआत अच्छी नहीं रही। पावरप्ले में दो विकेट खो देना, उसके बाद वापसी करना मुश्किल होता है। उनके पास अच्छे स्पिनर हैं। हमारा यह सीजन शानदार रहा।" अय्यर ने बल्लेबाजों पर गुस्सा जताते हुए कहा, "किसी भी बल्लेबाज ने टीम को संभालने और अंत तक खड़े रहने की पहल नहीं की। साझेदारियां भी नहीं हुईं, यह हमारे लिए निराशाजनक है, लेकिन सीखने लायक चीज है।" अय्यर ने घरेलू मैदान की पिच को लेकर भी चिंता जाहिर की जहां दिल्ली ने सात मैचों में चार में जीत और तीन में हार झेली। कई बार दिल्ली को अपने घर फिरोज शाह कोटला में वैसी पिच नहीं मिली जिसकी उसे दरकार थी। अय्यर ने कहा, "हमें इस पर सोचना होगा। हमने अपने घर में ज्यादा मैच नहीं जीते, लेकिन हम पिचों को लेकर शिकायत नहीं कर सकते। हम धीमी विकेट पर काफी अभ्यास कर रहे थे। पेशेवर खिलाड़ियों के तौर पर हम बहाने नहीं बना सकते।"

अय्यर ने साथ ही कहा कि एक कप्तान के तौर पर उन्होंने काफी कुछ सीखा। मैंने अपने सीनियर धोनी, विराट कोहली, रोहित शर्मा को देखकर काफी कुछ सीखा कि किस तरह से वह टीम का नेतृत्व करते हैं। मेरे लिए टॉस के समय उनके साथ खड़े होना गर्व की बात थी। मैंने रोहित और बाकी लोगों से सुना था कि कप्तानी आसान नहीं होती है। हां, यह सही है कि कप्तानी आसान नहीं होती है, लेकिन मैं कप्तान बनकर खुश हूं।" अय्यर ने अपनी टीम की तारीफ करते हुए कहा, "मुझे अपनी टीम पर गर्व है। जिस तरह से हम एक परिवार के तौर पर रहे वह शानदार था। कोच, सहयोगी स्टाफ सभी ने अच्छा साथ दिया। अगले सीजन काफी कुछ आना बाकी है। हमने अपनी नीवं बना ली है और अब बस आगे बढ़ना है।"