भारतीय महिला फुटबॉल टीम की ताकत

नई दिल्लीः भारतीय महिला टीम की गोलकीपर अदिति चौहान ने कहा कि मौजूदा भारतीय टीम की ताकत "विविधता में एकता" है। अदिति ने बातचीत में कहा कि जब मैंने पहली बार राष्ट्रीय टीम के लिए खेलना शुरू किया, तो टीम में मणिपुर के खिलाड़ी हावी थे। लेकिन अब यह एक विविध टीम बन गई है। टीम में विभिन्न राज्यों के खिलाड़ी हैं। अब अखिल भारतीय प्रतिनिधित्व है, जो टीम को एकजुट करने में मदद करता है।"

उन्होंने कहा कि विविधता में एकता हमारी मूल ताकत है। यह हमारी बॉन्डिंग का रहस्य है। हम सभी एक साथ एक देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यही वह बात है जो हमें परिभाषित करती है। हमारी टीम में बहुत सारे किरदार मिलते हैं जिनसे हम मिलते हैं। सभी के पास बताने के लिए एक अलग कहानी है, जैसे उनकी यात्रा, संघर्ष, घर की स्थितियां और भी बहुत कुछ।"

उन्होंने कहा कि अब टीम में स्थानों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ी है - हर कोई एक-दूसरे को आगे बढ़ा रहा है। कोई भी सहज नहीं है क्योंकि नए बच्चे हैं जो हर जगह से आ रहे हैं और टीम में जगह हासिल कर रहे हैं। इस तरह टीम बढ़ी है और अच्छे परिणाम सामने आए हैं।

दिल्ली की रहने वाली गोलकीपर का मानना है कि अधिकतर लड़कियां मणिपुरी स्ट्राइकर बाला देवी के नक्शेकदम पर चलना चाहती हैं। बाला यूरोपीय क्लब रेंजर्स एफसी के साथ  पेशेवर अनुबंध करने वाली पहली भारतीय महिला फुटबॉलर बन गई हैं।

उन्होंने कहा कि बाला एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं और रेंजर्स के लिए उनका कदम अद्भुत है। यूरोप में खेल का मानक, संस्कृति काफी अलग है। उन्होंने इस क्लब के साथ जो अनुभव हासिल किया, उससे न सिर्फ उन्हें बल्कि भारतीय फुटबॉल को भी फायदा होगा।

उन्होंने कहा कि जब भी वह राष्ट्रीय टीम में खेलने के लिए वापस आती है, तो हम उसके अनुभवों के बारे में सुनने के लिए बेसब्री से इंतजार करेंगे। मुझे यकीन है कि वह अपने अनुभव को सभी सो साझा करना पसंद करेंगी, विशेष रूप से अंडर-17 लड़कियों के साथ। युवा लड़कियों के लिए उनका अनुभव बहुत मायने रखेगा।"