कहीं आपके जूते तो नहीं हैं खतरनाक! आपके साथ कोरोना ले सकता घर में एंट्री

नई दिल्लीः कोरोना महामारी से दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है । कई देशों की अर्थव्यवस्था भी इस महामारी से बुरी तरह प्रभावित हो चुकी है। कोरोना को फैलने रोकना इस समय सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं बार-बार हाथों को साफ कर रहे हैं। इस महामारी को रोकने के लिए हर कोई सतर्क नजर आ रहा है।

इसको फैलने से रोकने के रोकने के लिए कई तरह के रिपोर्ट्स आ चुकी हैं।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ, यूएसए की एक स्टडी की मानें तो, COVID-19 कार्डबोर्ड पर 24 घंटे तक जिंदा रह सकता है, जबकि स्टील और प्लास्टिक पर यह तीन दिन तक रह सकता है।

शोध में सामने आया है कि कोरोना का वायरस जूतों पर सबसे ज्यादा समय जूते पर अधिकतम 5 दिन जिंदा रहता है। अधिकतर जूते चमड़े, रबर और प्लास्टिक से बने होते हैं, इसलिए वायरस उन पर आसानी से चिपक सकते हैं।

संक्रामक रोग विशेषज्ञ मैरी ई श्मिट के मुताबिक कमरे के तापमान में रखे गए जूते बनाने की सामग्रियों पर कई शोध किए गए, जिनसे पता चलता है कि यह वायरस इन पर पांच या उससे भी अधिक दिन तक एक्टिव रहता है।

अगर आप भीड़ वाली जगहों जैसे बाजार, अस्पताल या ऑफिस जाते हैं तो जूतों से भी संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है।

अगर आप जूतों को पहन कर किसी संक्रमित जगह पर गए हैं या आपके आसपास से कोई व्यक्ति गुजरा हो जो वायरस से संक्रमित हो और उसकी खांसी की छींटें आपके जूतों पर भी पड़े हों तो संभव है कि आपके जूतों से ये वायरस दूसरी जगहों पर भी फैल जाए और आप खुद भी संक्रमित हो जाएं।

देखा जाए तो जूते ही अधिकतर गंदगी और कीटाणुओं के संपर्क में आते हैं। इसलिए जूतों से  वायरस और बैक्टीरिया फैलने का खतरा अधिक होता है। ये वायरस और बैक्टीरिया जूतों के सोल पर चिपक जाते हैं और घर के अंदर तक घुस आते हैं।

अपने और अपने परिवार को बचाने के लिए कुछ सावधानियां जरूर बरतें ताकि आप जितना हो सके वायरस से दूर रह सकें।

घर में घुसते समय अपने जूते बाहर ही निकाल दें। जो जूते सार्वजनिक स्थानों पर पहन कर जाते हैं उन्हें पानी और साबुन से धोएं।

चमड़े और अन्य सामग्री से बने जूते, जिन्हें धोया नहीं जा सकता है, उन्हें किसी कीटाणुनाशक से अच्छे से पोछें।

जहां तक हो सके जूतों को घर के बाहर ही रखें , इस समय घर के अंदर दूसरे फूटवियर का इस्तेमाल कर सकते हैं।