माइग्रेन से छुटकारा दिलाएगा ये आसन, लेकिन तरीका सबसे जरूरी

लखनऊः सिर में असाहनीय दर्द माइग्रेन की समस्या हो सकती है। माइग्रन में लोगों तेज रोशनी से समस्या होती है और उल्टी जैसा अनुभव होता है। माइग्रेन की शिकायत महिलाओं को पुरुषों की तुलना में 3 गुना अधिक होने की संभावना रहती है।

माइग्रेन की परेशानी हमारे गलत लाइफ- स्टाइल के चलते सकता है जैसे कि तनाव, थकान, स्ट्रेस, चिड़चिड़ापन इसके अलावा गलत डाइट लेने से भी माइग्रेन मे होने वाले दर्द को बढ़ाने काम करता है। भ्रामरी प्राणायाम के द्वारा इनके लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है।


भ्रामरी प्राणायाम करने का तरीका

- सबसे पहले इस आसन को करने के लिुए शांत वातावरण में जाए। 

- अब शांति से बैठकर खुद में रिलैक्‍स फीलकरें। 

- अब धीरे-धीरे दोनों आंखों को बंद करते हुए गहरी सांस लें और छोड़ें। 

- अपनी उगलियों को कान और आंखों पर रखें।

- गहरी सांस भरते हुए कार्टिलेज को दबाएं और सांस छोड़ें।

- इस दौरान आपको मधुमक्‍खी की गूंज वाली आवाज सुनाई देगी। 

- इस आवाज निकालते समय आपना मुंह बंद रखें।

- इसके साथ ही ध्यान दें कि कान के कार्टिलेज को जोर से न दबाएं।

- इस आसन को करते समय निकलने वाली आवाज को ऊंचा ही रखें।

- इस प्रक्रिया को कम से कम 3 से 4 बार दोहराएं।

लाभ

- माइग्रेन के पेशेंट को भ्रामरी प्राणायाम करने से फायदा मिलता है।

- इसे रोजाना करने से मन और दिमाग को शांति मिलती है।

- चिंता, क्रोध और स्ट्रेस से छुटकारा मिलता है। 

- हाई ब्लड प्रेशर के परेशाम लोगों को यह आसन करने से  बी.पी कंट्रोल में रखने में मदद मिलती है। 

- ज्यादा गर्मी लगने और सिरदर्द की शिकायत होने पर भ्रामरी प्राणायाम करना चाहिए।

- यह प्राणायाम कॉन्फिडेंस बढ़ाने में मदद करता है।

लेकिन इस आसान को 3 से 4 बाह ही करें इससे ज्यादा ना करें, वरना उल्टा असर भी हो सकता है।