कोरोना के डर से लखनऊ के लोगों ने गांव की सीमाएं की सील

लखनऊः कोरोना वायरस से बचाव के लिए लखनऊ के मलिहाबाद ब्लॉक के शिवपुरी गांव के ग्रामीणों ने सीमाएं सील कर दी हैं। गुरुवार को गांव के बाहर जाने वाले रास्तों को बांस-बल्लियों से बांधकर सील करने के बाद ग्रामीण अपने घरों में चले गये। 

शिवपुरी गांव निवासी अजय, राजकुमार ने बताया कि गांव की आबादी को सुरक्षित करने के लिए यह एक छोटा सा प्रयास है। गांव शिवपुरी मिश्रित आबादी वाला गांव हैं। यहां सभी जाति धर्म के लोग रहते है। कोरोना वायरस के कारण सभी लोग बचाव अपना रहे हैं। कोरोना को हराने के लिए सभी एक साथ गांव में आने जाने वाले रास्तों को सील करने को तैयार हो गए हैं। गांव से बाहर आने जाने वाले लोगों के लिए एक कच्चा रास्ता खोला गया है। 

चौक पर किन्नरों ने मचाया उत्पात- 

कोरोना वायरस के बचाव के लिए सड़क पर निकल रहे लोगों को वापस कर रही पुलिस का आज लखनऊ के चौक पर दो किन्नरों से सामना हो गया। दोनों एक साथ सड़क पर निकले थे। जब पुलिसकर्मियों ने उनको रोका तो वे उनसे उलझ गये। मॉस्क ना लगाने की बात पर उन्होंने उत्पात किया। इसके बाद पुलिस अधिकारी ने दोनों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने और अपने रास्ते चले गये। 

जानकीपुरम में खाद्य सामग्री लेने पहुंची भीड़-

आज जानकीपुरम में खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। ​खाद्य विभाग की टीम जानकीपुरम में पहुंची। वहां खाद्य सामग्री लेने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। इसके बाद भीड़ को हटाने और लोगों को दूर दूर खड़ा करने के लिए बहुत प्रयास हुआ लेकिन भीड़ नहीं मानी। 

लॉकडाउन में परेशानी उठा रहे कार्यदायी संस्थाओं के कर्मचारी- 

नगर निगम के अन्तर्गत सक्रिय कार्यदायी संस्थाओं में बीते चार महीने से वेतन नहीं बंटा है। कर्मचारी नेता राजेंद्र ने हिन्दुस्थान समाचार से कहा कि आज कार्यदायी संस्थाओं के कर्मचारियों की परेशानी को उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से उठाया है। उनका कहना है कि इस संकट की घडी में सरकार मूकदर्शक बनकर बैठी है। कार्यदायी संस्थाएं अपने कर्मचारियों का वेतन नहीं दे रही है। इसमें चीनी कम्पनी ईकोग्रीन भी शामिल हैं। कर्मचारी का परिवार भूखों मरने की कगार पर हाँ।