निशंक ने कहा- भारत ने कोविड की चुनौती को अवसर में बदला, दी ये जानकारी

नई दिल्लीः केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने जी-20 देशों के शिक्षा मंत्रियों से संवाद के दौरान कहा कि भारत ने शिक्षा सहित तमाम क्षेत्रों में कोविड की चुनौती को अवसर में बदला है। निशंक ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जी 20 देशों के शिक्षा मंत्रियों को कोविड संकट काल के दौरान देश में शिक्षा क्षेत्र में किये गए काम के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से ही हमने शिक्षा के क्षेत्र में इस संकट काल के दौरान काफी काम किया और डिजिटल शिक्षा के द्वारा इसको एक नया आयाम दिया। 

उन्होंने कहा, भारत का शिक्षा तंत्र दुनिया का सबसे बड़ा शिक्षा तंत्र हैं जिसमें 1000 से भी अधिक विश्वविद्यालय हैं, 45 हजार से अधिक डिग्री कॉलेज हैं, 13 लाख से अधिक स्कूल है, एक करोड़ से अधिक अध्यापक हैं और 33 करोड़ से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हैं। इसलिए कोविड संकट को देखते हुए हमनें समय पर ही हमने ऐहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए थे और इसी को देखते हुए हमने बहुत पहले ही शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया था और परीक्षाएं भी स्थगित कर दी थी। 

उन्होंने कहा कि मैंने स्वयं वेबिनार, ऑनलाइन मीटिंग इत्यादि के माध्यम से सभी प्रदेशों के शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव, शिक्षण संस्थानों, छात्रों, शिक्षकों एवं अभिभावकों लगातार संवाद किया और उनकी समस्याओं को समझ कर उसका उचित समाधान दिया. इसकी वजह से सभी में व्याप्त अनिश्चितताओं को विराम दिया जा सका। भारत में डिजिटल शिक्षा क्षेत्र में किये गए कामों के बारे में बताते हुए निशंक ने कहा, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने उत्कृष्ट डिजिटल शैक्षणिक सामग्री तैयार की है यह सामग्री दीक्षा, स्वयं, स्वयं प्रभा, ई-पाठशाला और राष्ट्रीय डिजिटल लाइब्रेरी आदि प्लेटफार्म द्वारा प्रदान की जा रही है. जिन विद्यार्थियों के पास डिजिटल संसाधन उपलब्ध नहीं है उन्हें स्वयं प्रभा के 24 घंटे चलने वाले डीटीएच चैनलों के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जा रही है ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। 

उन्होंने कहा कि हमनें छात्रों की सुविधा के लिए प्रधानमंत्री ई-विद्या कार्यक्रम के तहत वन नेशन वन प्लेटफार्म, वन क्लास वन चैनल के द्वारा सभी छात्रों, जिनमें दिव्यांग छात्र भी शामिल हैं, तक अनवरत शिक्षा उपलब्ध करवाई है. हम इस संकट काल के दौरान भी हर छात्र तक ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से शिक्षा सामग्री पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अन्य कार्यों के बारे में बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा के लिए 100 से भी अधिक विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है, विद्यार्थियों, शिक्षकों और छात्रों एवं अभिभावकों को मनोवैज्ञानिक सहयोग प्रदान करने के लिए शिक्षा मंत्रालय द्वारा मनोदर्पण की शुरुआत की गई है जिसमें हम एक हेल्पलाइन के माध्यम से सभी को मनोवैज्ञानिक सलाह दे रहे हैं। आज जी-20 के नेतृत्व में हम शिक्षा और शोध से जुड़ी सहयोगात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देकर आगे बढ़ सकते हैं। हमारे इन संयुक्त प्रयासों से संघर्ष के इस कठिन दौर से जी-20 और अधिक सशक्त, सक्षम और प्रासंगिक बनकर उभरेगा।