पीएम ने गरीबों को दिया त्योहारों का तोहफा, नवंबर तक मिलेगा मुफ्त अनाज

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अनलॉक-2 शुरू होने की पूर्व संध्या पर एक बार फिर देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए घोषणा की कि कोरोना से लड़ते-लड़ते अब त्यौहारों के मौसम तक आ गए हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को नवंबर तक बढ़ा दिया गया है, ताकि कोई गरीब और बेसहारा भूखा न सोए। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने एक राष्ट्र और एक राशन कार्ड का भी जिक्र किया और कहा कि इससे एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने वाले प्रवासी को फायदा मिलेगा। साथ ही, प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन के दौरान फेस मास्क और दो गज की दूरी का ईमानदारी से पालन करने की नसीहत देते हुए सभी से कोई लापरवाही नहीं बरतने की अपील की।

मंगलवार को प्रधानमंत्री ने अपने छठवें संबोधन में पहले से चल रही सभी तरह की अटकलों पर विराम लगा दिया। संबोधन से पहले ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि चीन की धोखेबाजी या फिर कोराना की वैक्सीन आदि के बारे में प्रधानमंत्री कुछ बोलेंगे, लेकिन शाम 4 बजे के करीब 15 मिनट के संबोधन में उन्होंने कोरोना की लड़ाई का पूरा श्रेय किसानों और आयकरदाताओं को दिया। उन्होंने कहा कि किसानों से पैदा हुए अनाज की वजह से कोई भूखा नहीं सो पाया तो आयकरदाताओं की वजह से इस मुश्किल लड़ाई को लड़ने में आसानी हुई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्षा ऋतु के दौरान और उसके बाद मुख्य तौर पर कृषि क्षेत्र में ज्यादा काम होता है। अन्य दूसरे सेक्टरों में थोड़ी सुस्ती रहती है। जुलाई से धीरे-धीरे त्यौहारों का भी माहौल बनने लगता है। 5 जुलाई को गुरुपूर्णिमा, फिर सावन, 15 अगस्त, रक्षाबंधन, कृष्ण जन्माष्टमी और आगे जाएं तो दशहरा, दीपावली और छठ मैया की पूजा है, जो जरूरतों के साथ ही खर्च भी बढ़ाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार अब दीपावली और छठ पूजा तक यानि नवंबर महीने तक कर दिया गया है। इससे 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज देने वाली यह योजना अब जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर में भी लागू रहेगी। सरकार द्वारा इन पांच महीनों के लिए 80 करोड़ से ज्यादा गरीब भाई-बहनों को हर महीने परिवार के हर सदस्य को 5 किलो गेंहूं या चावल मुफ्त मुहैया कराया जाएगा। साथ ही, प्रत्येक परिवार को हर महीने एक किलो चना भी मुफ्त दिया जाएगा। इस विस्तार पर 90 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होंगे।

उन्होंने कहा कि इसीलिए लॉकडाउन शुरू होते ही सरकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना लेकर आई। इस योजना के तहत गरीबों के लिए पौने 2 लाख करोड़ रुपये का पैकेज दिया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक राष्ट्र एक राशन कार्ड की व्यवस्था भी हो रही है। इसका लाभ उन गरीब साथियों को मिलेगा जो रोजगार या दूसरी आवश्यकताओं के लिए अपना गांव छोड़कर कहीं और जाते हैं, किसी और राज्य में जाते हैं।

कोरोना की वर्तमान स्थिति का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर देखा जाए तो कोरोना से होने वाली मृत्युदर अन्य देशों की तुलना में बहुत संभली हुई है। समय पर किए गए लॉकडाउन और अन्य फैसलों ने भारत में लाखों लोगों का जीवन बचाया है। उन्होंने इसके लिए सबको सावधान करते हुए कहा कि जब से देश में अनलॉक-1 हुआ है, व्यक्तिगत और सामाजिक व्यवहार में लापरवाही बढ़ती ही चली जा रही है। पहले  मास्क, दो गज की दूरी, 20 सेकेंड तक दिन में कई बार हाथ धोने आदि को लेकर बहुत सतर्क थे, लेकिन अब जबकि ज्यादा सतर्कता की जरूरत है तो लापरवाही बढ़ना बहुत ही चिंता का कारण है। 

उन्होंने अपने संबोधन के दौरान एक प्रधानमंत्री पर लगाए गए 13 हजार के जुर्माने का जिक्र करते हुए कहा कि उन पर जुर्माना इसलिए लग गया, क्योंकि वे सार्वजनिक स्थल पर मास्क पहने बिना गए थे। भारत में भी स्थानीय प्रशासन को इसी चुस्ती से काम करना चाहिए। यह 130 करोड़ देशवासियों की रक्षा करने का अभियान है। भारत में गांव का प्रधान हो या देश का प्रधानमंत्री, कोई भी नियमों से ऊपर नहीं है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले समय में अपने प्रयासों को और तेज किया जाएगा, ताकि गरीब, पीड़ित, शोषित, वंचित हर किसी को सशक्त करने के लिए निरंतर काम किया जाएगा।सभी ऐहतियात बरतते हुए इकोनॉमिक एक्टिविटी को और आगे बढ़ाने का काम किया जाएगा। आत्मनिर्भर भारत के लिए दिन-रात एक करेंगे। लोकल के वोकल होंगे।